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अब के फागुन होली खेलूंगी दटके

अब के फागुन होली खेलूंगी दटके (७ ) जो पिया आए ब्रजसे पलटके (२) अब के फागुन होली खेलूंगी दटके  सज श्रृंगार चलो मोरी सजनी  सज श्रृंगार (आलाप) सज श्रृंगार चलो मोरी सजनी (२) मन मोहन को लेआओरी लिपटके (२) अब के फागुन होली खेलूंगी दटके (३) इतसे आई सुगड़ राधकी उतसे कुंवर कन्हाई (२) खेलत फाग परसपर मिलजुल (२) शोभा वर्णी न जाई (२) कैसी धूम मचाई बिरज में (३) कैसी धूम मचाई(३)